Vaishno Devi Yatra: As soon as there was a slight decrease in the infection, the number of visitors in the court of Vaishno Mata started increasing.
कटड़ा, संवाद सहयोगी : जैसे-जैसे कोरोना महामारी की दूसरी लहर कम पड़ रही है, वैसे-वैसे वैष्णो माता के दरबार में दर्शनार्थियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। हालांकि लोग अभी भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं। दर्शन करने वालों में ज्यादातर स्थानीय श्रद्धालु ही होते हैं। दूसरे राज्यों से लोग सिर्फ दर्शन करने के लिए आने से परहेज कर रहे हैं। लेकिन मां वैष्णो देवी के प्रति आस्था इस कदर है कि थोड़ी-सी राहत मिलते ही लोग मां के चरणों में हाजिरी लगाने पहुंचने लगते हैं। बीते सप्ताह प्रतिदिन दर्शन करने वालों की संख्या मात्र 400 से 600 के बीच रही थी। वर्तमान में यह आंकड़ा अब 1200 से 1500 के बीच पहुंच गया है।
ज्ञात रहे कि कटड़ा पहुंचने वाली अधिकतर ट्रेनें फिलहाल बंद हैं। वर्तमान में मात्र दो ट्रेन ही कटड़ा पहुंच रही हैं। यहा देश के दूसरे राज्यों से वर्तमान में आ रहे कुछ श्रद्धालु ट्रेन से आधार शिविर कटड़ा पहुंच रहे हैं तो कुछ निजी वाहनों से पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओें की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने से कटड़ा के व्यापारियों में उम्मीद जाग गई है। दरअसल, कोरोना महामारी के कारण यात्रा के सीजन में तीन महीनों से व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद पड़े हुए हैं। मुख्यत: होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं आदि चलाने वाले आैर यात्रा मार्ग में दुकान चलाने वालों की माली हालत बिगड़ चुकी है।
राहत की बात यह है कि वर्तमान में मां वैष्णो देवी के दर्शन को आ रहे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने कटड़ा में कुछ ढाबों को खोलने की अनुमति दी है ताकि श्रद्धालुओं को खाने-पीने में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि मां वैष्णो देवी के भवन मार्ग पर लगभग सभी दुकानें वीरान पड़े हैं। बीच-बीच में श्रद्धालुओं के जयकारे की गूंज सुनाई देती है। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण का आंकड़ा नीचे आ रहा है, उससे हालात जल्द सुधरने की पूरी उम्मीद है। जल्द फिर श्रद्धालुओं से मां वैष्णो देवी का भवन और धर्मनगरी कटड़ा गुलजार होगा।
बता दें कि 25 मई को करीब 1200 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए थे, वहीं 26 मई को 1200 श्रद्धालु। उसी तरह 27 मई को करीब 1500 श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में हाजिरी लगाई थी और 28 मई यानी कि शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे तक करीब 500 श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। इक्का-दुक्का श्रद्धालुओं का आना निरंतर जारी था। रात पंजीकरण बंद होते-होते आंकड़ा 1200 से अधिक रहने का अनुमान है। श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, पैसेंजर केवल कार सेवा मिल रही है। सुबह-शाम होने वाली दिव्य आरती में शामिल होने में भी श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो रही है।


